Prayagraj tourist places: इतिहास, आस्था और विरासत का संगम

नई दिल्ली/गांव शहर:  प्रयागराज, जिसे पहले इलाहाबाद के नाम से जाना जाता था, उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध शहर है। यह शहर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर स्थित है, जो इसे हिंदू धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक बनाता है। ऐतिहासिक धरोहरों से लेकर आध्यात्मिक स्थलों तक, प्रयागराज का हर कोना अपने अतीत की गौरवगाथा सुनाता है। यहां का कुंभ मेला विश्व प्रसिद्ध है, तो वहीं मुगल और ब्रिटिश काल की वास्तुकला भी शहर की पहचान का अहम हिस्सा है। अगर आप प्रयागराज घूमने की योजना बना रहे हैं, तो इन जगहों को जरूर देखें।

1. त्रिवेणी संगम: पवित्र नदियों का मिलन

Triveni Sangam Prayagraj
Triveni Sangam Prayagraj

तीन पवित्र नदियों—गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती—का मिलन बिंदु त्रिवेणी संगम, हिंदू धर्म में विशेष स्थान रखता है। यह स्थल हर 12 साल में कुंभ मेले और हर 6 साल में अर्ध कुंभ मेले की भव्यता का साक्षी बनता है, जहां लाखों श्रद्धालु स्नान कर अपने पापों से मुक्ति पाने की आस्था के साथ आते हैं। यहां बोटिंग करते समय आप साफ देख सकते हैं कि गंगा का जल हल्का साफ और यमुना का जल थोड़ा गहरा हरा होता है।

 

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2. खुसरो बाग: मुगल वास्तुकला का अनमोल खजाना

khusro bagh
khusro bagh

प्रयागराज का खुसरो बाग मुगलकालीन स्थापत्य का अद्भुत उदाहरण है। यह स्थान मुगल शहजादे खुसरो मिर्जा, उनकी मां शाह बेगम और बहन निथार बेगम के मकबरों के लिए प्रसिद्ध है। बलुआ पत्थर से बने इन मकबरों पर की गई खूबसूरत नक्काशी मुगल कला का बेहतरीन नमूना प्रस्तुत करती है। चारों ओर फैले हरे-भरे बाग और गुलाब के फूल इसकी सुंदरता में चार चांद लगाते हैं।

3. आनंद भवन: नेहरू परिवार का ऐतिहासिक निवास

anand bhawan
anand bhawan

यह हवेली भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का गवाह रही है। कभी यह नेहरू परिवार का निजी निवास था, जिसे मोतीलाल नेहरू ने बनवाया था। 1970 में इंदिरा गांधी ने इसे भारत सरकार को दान कर दिया। अब इसे एक संग्रहालय के रूप में संरक्षित किया गया है, जहां नेहरू परिवार की निजी वस्तुएं, ऐतिहासिक दस्तावेज और दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित की जाती हैं। इसके पास स्थित जवाहर तारामंडल भी विज्ञान प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

 

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4. इलाहाबाद किला: अकबर का भव्य निर्माण

ALLahabad-kila
ALLahabad-kila

1583 में मुगल सम्राट अकबर द्वारा बनवाया गया इलाहाबाद किला, गंगा और यमुना के संगम तट पर स्थित है। यह किला अपनी भव्यता और मजबूत संरचना के लिए जाना जाता है। किले के अंदर स्थित ‘अक्षयवट’ नामक पवित्र वृक्ष हिंदू श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। वर्तमान में भारतीय सेना इस किले का उपयोग करती है, लेकिन कुछ हिस्से पर्यटकों के लिए खुले हैं, जहां मुगलकालीन वास्तुकला और प्राचीन शिलालेख देखे जा सकते हैं।

5. जवाहर तारामंडल: ब्रह्मांड की सैर

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1979 में स्थापित, यह तारामंडल विज्ञान और खगोल प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां नियमित रूप से सौर मंडल और ब्रह्मांड से जुड़े शो आयोजित किए जाते हैं, जहां ग्रहों और तारों की गति को समझने का अनोखा अनुभव मिलता है। हर साल यहां ‘नेहरू मेमोरियल लेक्चर’ भी आयोजित किया जाता है।

6. अशोक स्तंभ: मौर्यकालीन विरासत

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इलाहाबाद किले के अंदर स्थित अशोक स्तंभ मौर्य सम्राट अशोक द्वारा चौथी शताब्दी ईसा पूर्व में बनवाया गया था। इस स्तंभ पर अशोक और समुद्रगुप्त के शिलालेख अंकित हैं, जो इसे ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण बनाते हैं। किले में स्थित होने के कारण यहां जाने के लिए विशेष अनुमति लेनी पड़ती है।

7. ऑल सेंट्स कैथेड्रल: गॉथिक शैली की भव्यता

church prayagraj
ऑल सेंट कैथेड्रल

1871 में निर्मित, यह चर्च गॉथिक शैली की शानदार वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है। स्थानीय लोग इसे ‘चर्च ऑफ स्टोन’ भी कहते हैं। एमजी मार्ग पर स्थित यह चर्च अपनी नक्काशीदार खिड़कियों और ऊंची छतों के कारण बेहद खूबसूरत दिखता है। क्रिसमस के दौरान इसकी सजावट देखने लायक होती है।

Prayagraj का अनूठा आकर्षण

प्रयागराज अपने धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां के घाटों पर गंगा आरती की भव्यता देखने लायक होती है, तो वहीं चाट-समोसा और अमरूद का स्वाद आपकी यात्रा को यादगार बना देता है। अगर आप आध्यात्म, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखना चाहते हैं, तो प्रयागराज जरूर जाएं!

govind singh

गोविंद सिंह पिछले 5 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में कार्यरत हैं। इन्होंने ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स जैसे बड़े मीडिया चैनलों में काम करने का अनुभव है।

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