उर्फी की कहानी
जिस लड़की को दुनिया ताना देती थी, आज उसी की कॉपी करते हैं लोग
पागल से ट्रेंडसेटर तक सफर
उर्फी जावेद… नाम सुना होगा! अजीब-अजीब कपड़ों के लिए बदनाम की गई, लेकिन असल कहानी कुछ और है.
लखनऊ की गलियों से निकलकर, बिना किसी गॉडफादर के, इस लड़की ने अपने दम पर जगह बनाई.
पिता से घरेलू हिंसा झेली, मां को रोते देखा, लेकिन कभी खुद को कमजोर नहीं होने दिया.
18 साल की उम्र में घर छोड़ दिया… जेब में पैसे नहीं थे, सपने बहुत थे.
कपड़ों के लिए उर्फी को गालियाँ मिलीं, मगर उसने कहा, "मैं जैसी हूं, वैसी रहूंगी"
जहां लड़कियाँ डर जाती हैं, वहां उर्फी हँसते हुए कहती है, "हेटर्स के आँसू से ड्रेस बनाऊंगी"
आज सोशल मीडिया पर करोड़ों लोग उसे देखते हैं, उसकी कॉपी करते हैं, स्टाइल अपनाते हैं.
गालियाँ दीं सबने… मगर वो नहीं टूटी. क्योंकि उसे खुद पर भरोसा था.
जिसे 'सस्ती' कहा गया, वो आज देश की टॉप डिजिटल क्रिएटर है। GQ की लिस्ट में नाम है.
ये स्टोरी सिर्फ उर्फी की नहीं, हर उस लड़की की है जो 'अलग' है और डरती नहीं है